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चैत्र नवरात्रि पर 178 वर्ष बाद बना है महासंयोग, इस शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना

देश 25 Mar, 2020 02:36 AM
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कोरोना वायरस के आतंक के बीच चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा बुधवार चैत्र वासंती नवरात्रि शुरू हो गयी । नौ दिनों तक पूरे विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जायेगी। साथ ही श्रद्धालु मां दुर्गा व खुद के साथ अपने परिवार,प्रदेश और देश के लिए प्रार्थना करेंगे। इसी तिथि से हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत2077 भी शुरू होगा। ब्रह्म पुराण के मुताबिक ब्रह्मा ने इसी संवत में सृष्टि के निर्माण की शुरुआत की थी। चैत्र नवरात्रि में भगवान विष्णु के दो-अवतार मत्स्यावतार और रामावतार होता है। साथ ही सूर्योपासना का पर्व चैती छठ,भगवान राम व हनुमानजी का पूजन भी होता है।

ऋतु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव खत्म करने को पूजन :
ऋतुओं के परिवर्तन से मनुष्य का स्वास्थ्य और मन:स्थिति प्रभावित होता है। व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस नकारात्मक प्रभाव को खत्म करने, स्वस्थ रहने के लिए नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना की जाती है।
बुधवार को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त-
प्रात: 6.19 बजे से 07.17 बजे तक
सिद्धि मुहूर्त-
सुबह 7.45 से सुबह 9.35 बजे
अभिजीत मुहूर्त-
10.35 बजे से 11.40 बजे

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा-
24 मार्च की दोपहर 2.57 बजे से 25 मार्चकी शाम 5.26 बजे

क्या करें:
दुर्गा सप्तशती का पाठ करें, -पूरा पाठ नहीं कर सकें तो कील,कवच और अर्गला का पाठ करें, दुर्गा चालीसा का पाठ करें

चैत्र नवरात्रि पर 178 वर्ष बाद बना है महासंयोग-
नवरात्रि के दौरान 30 मार्च को गुरु का राशि परिवर्तन मकर में होगा। मकर में शनि पहले से ही है जबकि गुरु नीच राशि में होंगे। शनि के वहां अपनी ही राशि में रहने से नीच भंग राजयोग बनेगा। ऐसा योग यानी नवरात्रि में गुरु का राशि परिवर्तन मकर राशि में आज से 178 वर्ष पहले 6 अप्रैल 1842 में बना था। इस महासंयोग से स्वास्थ्य,धर्म,संतान और आर्थिक स्थिति में बेहतरी दिखेगी। वहीं कलश स्थापना पर तीन ग्रह बहुत ही मजबूत स्थिति में रहेंगे। गुरु अपनी राशि धनु में, शनि अपनी राशि मकर में और मंगल अपनी उच्चराशि मकर में रहेंगे। इस संयोग से आर्थिक मंदी से उबरकर आर्थिक मजबूती दिखेगी।

चार दिवसीय चैती छठ अनुष्ठान 28 मार्च से-
हिन्दू नववर्ष के पहले महीने चैत्र शुक्ल पक्ष को छठ महापर्व मनेगा। सूर्यापासना का पर्व है। यह आरोग्यता,संतान और मनोकामना पूर्ति के लिए की जाती है। मान्यता है कि नहाय खाय में लौकी की सब्जी और अरबा चावल का सेवन किया जाता है। वैज्ञानिक मान्यता है कि इससे गर्भाशय मजबूत होती है। नहाय-खाए: 28 मार्च, खरना: 29 मार्च, सायंकालीन अर्घ्य: 30 मार्च, प्रात:कालीन अर्घ्य: 31 मार्च
आदि शक्ति की आराधना के पर्व बासंतिक नवरात्र की शुरुआत 25 मार्च 2020 दिन बुधवार से हो रही है। हिंदू धर्म में चैत्र माह की शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले नवरात्रि का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। इस दौरान पड़ने वाले नवरात्रों में माता के भक्त पूरे नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करके उन्हे प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ रंग निर्धारित होते हैं। माता के भक्त नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद शुभ मानते हैं। इन नौ दिनों में अलग-अलग रंग के कपड़े पहनकर माता की भक्ति करने का अलग महत्व बताया जाता है। आइए जानते हैं किस दिन किस रंग के कपड़े पहनकर मां की उपासना करने से मां अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूरा करती हैं।
मां शैलपुत्री-
पहला दिन माता शैलपुत्री का माना जाता है। इस दिन लाल रंग का कपड़ा पहनना शुभ माना जाता है। लाल रंग में प्रेम का रंग माना जाता है।
मां ब्रह्माचारिणी –
नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्माचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
मां चंद्रघंटा-
नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन पीले रंग का कपड़ा पहना जाता है। पीले रंग से लोगों को ऊर्जा मिलती है। वहीं, पीला रंग में अलग तरह की चमक होती है।
मां कुष्मांडा-
नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा देवी की पूजा की जाती है। इस दिन ऑरेंज कलर के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
स्कंद माता-
नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन ग्रे रंग का कपड़ा पहना जाता है। इस कलर का कपड़ा पहनने से आप खुद को एनर्जी से भरा महसूस करते हो।
मां कात्यनीदेवी –
नवरात्र के छठे दिन मां कात्यनीदेवी की पूजा की जाती है। इस दिन नारंगी रंग का कपड़ा पहनना चाहिए। इस रंग का कपड़ा पहनने से वातावरण में सकारात्मकता फैलती है और आप खुद को फ्री फील करते हो।
मां कालरात्रि-
नवरात्र के 7वें दिन कालरात्रि की पूजा होती है। इस दिन कहा जाता है कि नीला रंग पहनना शुभ होता है।
महागौरी –
नवरात्र के 8वें दिन महागौरी की पूजा होती है। इस दिन गुलाबी रंग पहनना शुभ होता है। इस दिन आप गुलाबी रंग के कपड़े पहन कर ही पूजा करें।
मां सिद्धीदात्री-
नवरात्र के 9वें दिन मां सिद्दात्री की पूजा की जाती है। इस दिन बैंगनी या पर्पल कलर के कपड़े पहनना बेहद शुभ होता है। इस रंग के कपड़े पहनकर ही मां की पूजा करें और कन्याओं को प्रसाद खिलाएं।

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