पत्रकार ब्लॉग

देश में हर साल बढ रहे है 1. 44 लाख नए स्तन कैंसर रोगी-स्तन कैंसर जागरूकता माह विशेष @ MM NEWS TV

पत्रकार ब्लॉग 09 Oct, 2017 09:39 AM
stan cancer

MM NEWS TV / हिमा अग्रवाल — पोपूलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) के अनुसार भारत में एक साल में करीब 1,44,000 नए स्तन कैंसर के रोगी सामने आ रहें है। गलत जीवनशैली और जागरूकता की कमी के चलते भारत में स्तन कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ रही है। विष्वभर में अक्टूबर माह स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूम में मनाया जाता है। इस मौके पर स्तन कैंसर रोग विशेषज्ञ बता रहे हैं रोग की स्थिति, कारण, बचाव और उपचार के बारे में।

स्वस्थ जीवन शैली दूर रखें कैंसर बढती उम्र, मोटापा, रजोस्त्राव का उम्र के साथ जल्दी आना और देर तक रहना, पहला बच्चा 30 की उम्र के बाद होना, स्तनपान कम या नहीं करवाना और अनुवांषिकता स्तन कैंसर की संभावना को बढाता है। इसके साथ ही पिल्स या हार्मोन्स रिप्लेसमेंट थैरेपी (एचआरटी) का लम्बे समय तक प्रयोग भी इसके लिए उतरदायी हो सकता है। स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर इस रोग की संभावनाओं को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। सही उम्र में वैवाहिक जीवन की शुरूआत, गर्भनिरोधक गोलियों से दूरी, स्तनपान करवाने, षारीरिक रूप से स्वस्थ रहकर और षराब से दूरी बनाकर स्तन कैंसर की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वंय स्तन परिक्षण है जरूरी भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमसीएचआरसी) की रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष, सीनियर कंसल्टेंट डॉ निधि पाटनी का कहना है कि स्तन कैंसर की पहचान महिलाएं स्वयं स्तन परिक्षण (सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिन) के साथ भी कर सकती है। स्तन में गांठ का उभरना, स्तन के हिस्से में सूजन आना, स्तन के चारों ओर की त्वचा में परिवर्तन होना, स्तन या निप्पल में दर्द होना, निप्पल का मोटा होना या निप्पल में किसी तरल पदार्थ का निकलना यह सभी स्तन कैंसर रोग के लक्षण हैं। हाथ की उगलियों का पैड बनाकर स्तन की गांठ, त्वचा का लचीलापन या आकार में परिवर्तन होने की पहचान की जा सकती है। यदि महिला, स्तन में परिवर्तनों में से कोई भी परिवर्तन देखती है तो उसे कैंसर चिकित्सक से परामर्श करने में देरी नहीं करनी चाहिए। स्तन कैंसर की पहचान के लिए मैमोग्राफी सबसे महत्वपूर्ण जॉच है जिसके जरिए स्तन का एक्स-रे किया जाता है।

समय पर उपचार की शुरूआत जरूरी बीएमसीएचआरसी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष एंव सीनियर कंसल्टेंट डॉ संजीव पाटनी ने बताया कि कैंसर की मुख्यरूप से चार अवस्थाएं होती है। प्रथम और दूसरी अवस्था में रोग की पहचान और उपचार की शुरूआत हो जाने पर रोगी को कैंसर मुक्त करना संभव होता है, वहीं तीसरी या अंतिम अवस्था में उपचार की शुरूआत से रोगी की मृत्युदर बढ जाती है। जागरूकता की कमी के कारण देष में अधिकांष रोगियों में रोग की पहचान तीसरी या अंतिम अवस्था में होती है। यही कारण है कि अन्य देशो के मुकाबले भारत में कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या सर्वाधिक है। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं स्वयं स्तन परिक्षण करें, 40 की उम्र के बाद मैमोग्राफी टेस्ट करवाएं। स्तन कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में उपचार की शुरूआत सें अब स्तन को हटाए बगैर उपचार कर रोगी को कैंसर मुक्त किया जा सकता है।

आधुनिक चिकित्सा से बढते सरवाइवर बीएमसीएचआरसी  के कीमोथैरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अजय बापना ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा ने स्तन कैंसर के सफल इलाज की प्रतिशतता काफी बढा दी है जिसके चलते आज स्तन कैंसर सरवाइवर्स की संख्या में भी बढोतरी हुई है। आज बहुआयामी चिकित्सा पद्वती (मल्टीमोडयूलिटी ट्रीटमेंट प्रोसिजर) के कारण रोगी का उपचार उसकी स्थिति को देखते हुए सर्जरी, कीमोथैरेपी, हार्मोन्स थैरेपी और रेडिएशन थैरेपी के साथ तय किया जाता है। उपचार की पद्वती रोगी के रोग के आधार पर तय की जाती है।

इस तरह तेजी से बढ रहे हैं आंकडेकैंसर रिसर्च की इंटरनेशनल रिसर्च एजेंसी ग्लोबेकेन में सामने आया है कि इंडिया में 2012 में 144937 ब्रेस्ट कैंसर पेशेंट महिलाएं इलाज के लिए सामने आई। वहीं इस साल 70218 ब्रेस्ट कैंसर पेशेंट अपना दम तोड चुकी है। इस रिपोर्ट में सामने आया कि देश में ब्रेस्ट कैंसर से पीडित हर दूसरे पेशेंट की मृत्यु हो रही है; इंडियन काउंसिल ऑव मेडिकल रिसर्च आईसएमआर ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि वर्तमान में कैंसर के एक साल में 14 ़5 लाख नए केस दर्ज हो रहे है। ऐसे में 2020 में इन केसेज की संख्या 17.3 लाख तक पहुंच जाएगी। आईसीएमआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा तेजी से बढ रहा है।

Follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

eg
dr. manish ad
media multinate banner
kid-zee
MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 |