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प्रशांत किशोर फॉरेन सीक्रेट सर्विसेज का एजेंट-मोदी विजय विदेशी ताकतों ने अपने फायदे के लिए करवाई थी

पत्रकार ब्लॉग 08 Sep, 2018 04:11 PM
prashant kishore with narendra modi

नवनीत चतुर्वेदी — हम सब देश के काफी नामचीन पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर को जानते ही है ,बहुत कुछ सुना है उनके बारे में पढ़ा भी है , अभी 2 -3 दिन पहले ही उन्होंने अपना एक सर्वे घोषित किया है जिसमें 2019 पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी को 48 % लोगों की पसंद बता कर उन्होंने टॉप फर्स्ट पर रखा है। इस अभियान को उन्होंने नेशनल एजेंडा फोरम नाम दिया और उसमें यह बताया गया था कि यह नेशनल एजेंडा महात्मा गाँधी के 18 सिद्धांतो को आधार रख कर करीब 55 लाख लोगों ने देश भर से वोटिंग किया ,उसके रुझान अनुसार मोदी जी सर्वाधिक पसंद किये गए।

यह ठीक है ,उनका बिज़नेस है , जिसके लिए काम करते है जो पैसे देगा उसके फेवर की रिपोर्ट तो बनानी ही चाहिए , इसमें गलत कुछ भी नहीं है।

हमारे देश में देखा -देखि बहुत से काम धंधे चलते है , राजनीति में आज प्रशांत किशोर का नाम व कद इतना बड़ा है कि अब आपको पचासों लोग इधर -उधर नेताओं के पास अपना -अपना प्रपोजल लिए घूमते मिल जायेंगे ,जो खुद को मिनी प्रशांत किशोर टाइप होने का दावा भी कर देते है।

कई लोगों ने जो पत्रकार थे या पीआर एडवरटाइजिंग सेक्टर से थे उन्होंने इन दिनों कई विधायकों -सांसदों का सोशल मीडिया हैंडलिंग का काम संभाला हुआ है और क्षेत्रवार इमेज ब्रांडिंग वगैरह की सलाह वो लोग अपने हिसाब से नेताओं को दे भी रहे है ,, इसी बहाने राजनीति में सोशल मीडिया का महत्व बढ़ा भी है ,कई नए लोगों को रोजगार भी मिला है ,और अब तो कई पार्टियां टिकट भी यह देख कर तय करती है कि आपके सोशल मीडिया पेज पर कितने फॉलोवर्स है।

उपरोक्त सब ठीक है ,एक तरह से इमेज बिल्डिंग ,परसेप्शन क्रिएशन का काम है ,सब लोग कर रहे है। भारत में इसकी शुरुवात का श्रेय हमारे पीएम नरेंद्र मोदी जी को जाता है ,उन्ही के बाद शेष सब लोगों ने भी यह प्रयास किए लेकिन आज भी बिना शक मोदी जी टॉप पर है।

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आज की इस पत्रकार वार्ता का उद्देश्य मुख्य रूप से यह बताना है कि उक्त सब के पीछे पर्दे की हकीकत क्या है ,, अब तक जो मैंने ऊपर लिखा या बोला है वो देश का हर पढ़ा लिखा आदमी जानता समझता है , लेकिन कुछ ऐसा भी है जो परदे के पीछे है और जिसको हम नहीं देख पाते या सामने होते हुए भी नहीं समझ पाते -मेरा उद्देश्य उन तथ्यों को सामने लाना है यही मेरी हॉबी है शौक है जूनून है खोजी पत्रकारिता का।

आज इस पत्रकार वार्ता में मैं यह बताना चाहता हूँ कि नरेंद्र मोदी की 2014 रिकॉर्ड जीत कहीं से भी प्रशांत किशोर का करिश्मा जादू कुछ नहीं था , परिस्थिति जनक मौके का फायदा उठाते हुए प्रशांत किशोर रातों -रात स्टार बन गए जबकि सब मेहनत फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विसेज जैसे सीआईए, ब्रिटिश सीक्रेट सर्विसेज & मोसाद की थी ,चूंकि वो इंटेलिजेंस एजेंसीज खुद को सामने रख कर क्रेडिट तो ले नहीं सकती और न ही उनको कोई क्रेडिट मोदी जी देने वाले थे अतः जीत का सेहरा प्रशांत किशोर के सर पर बांध दिया गया और वो फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विसेज के एक एजेंट की हैसियत से इस देश में अपना बिज़नेस कर रहे है।

2014 की जीत के बाद प्रशांत किशोर ने सफलता पूर्वक बिहार चुनाव में जीत हासिल करवाई ,पंजाब में जीत हासिल हुई ,सिर्फ यूपी में वो मात खा गए।

मेरा आप मीडिया के मित्रों से सीधा साफ़ सवाल है कि प्रशांत किशोर को कितना पैसा इन एक्टिविटीज के लिए मिलता होगा ,यदि हम इधर उधर की मीडिया रिपोर्ट्स को देखें तो सामने आएगा कि एक सौ करोड़ मिले , कोई पांच सौ से हजार करोड़ तक भी लेने -देने का दावा करते है। एक छोटे से असेंबली चुनाव में भी आज कल 2 -4 करोड़ रुपया फूंक जाता है ऐसे में यदि कोई दावा करे कि प्रशांत किशोर को दो -पांच सौ करोड़ कुछ मिले होंगे तो कोई अचरज नहीं हो सकता है।

इन दिनों प्रशांत किशोर आंध्रप्रदेश में विपक्षी नेता जगन मोहन रेड्डी के लिए काम कर रहे है ,और अभी तक सिवा उनके और कोई डील उनकी किसी अन्य पार्टी -नेता से नहीं हुई है –ऐसे में मेरे कुछ सवाल है जो मैं चाहता हूँ कि आप मीडिया के मित्रों की मदद से वो प्रशांत किशोर तक पहुंचे और वो इनका जवाब देश की जनता को दें —

1 . क्या यह सत्य नहीं है कि आपकी कम्पनी आईपैक जिसका गठन 15 अप्रैल 2015 को हुआ जिसके बैनर पर बिहार ,यूपी ,पंजाब के चुनाव हुए उस कम्पनी का घोषित टर्नओवर बहुत ही मामूली करीब 95 लाख वित्तीय वर्ष 2015 -16 में और करीब 37 लाख वित्तीय वर्ष 2016 -17 में है ??

2 . आपकी कंपनी घाटे में चल रही है , उसकी नेट वर्थ भी नेगटिव स्केल में है ,कंपनी की कुल जमा शेयर कैपिटल मात्र एक लाख रूपये की है —क्या यह सत्य नहीं है ??

3 . आपकी कंपनी के तीनो निदेशक मिल कर 45 लाख रूपये सालाना वेतन उठाते है और उसके अलावा आपकी कम्पनी के वेतन भत्तों के मद में सिर्फ 55 -60 लाख रूपये का खर्च सालाना दिखाया गया है जबकि हमने सुना है आपके यहाँ पचासो आईआईटी -आईआईएम के स्नातक जॉब पर है तो क्या आपके भारी -भरकम स्टाफ की सैलरी लागत सिर्फ 55 -60 लाख रूपये सालाना है ??

4 . हालिया हुए नेशनल एजेंडा फोरम 2019 जिसके नतीजे में आपने नरेंद्र मोदी को टॉप पसंद की लिस्ट में रखा है , इस सर्वे की लागत व आपके फीस का भुगतान किसने किया था बीजेपी ने या आँध्रप्रदेश के जगन मोहन रेड्डी ने ?? या 2014 की तरह किसी फॉरेन सीक्रेट सर्विस की एजेंसी ने ?? कृपया यह मत कहियेगा यह आपने खुद ने किया क्यूंकि आपकी कंपनी की वित्तीय जानकारी है हमको वहां से यह सम्भव नहीं है।

5 2014 में आपने मोदी जी को जितवा कर पीएम बनवाया , उस वक़्त आपकी यह कम्पनी आई-पैक अस्तित्व में नहीं थी , ठीक है बीजेपी ने आपको किसी और अकाउंट में फीस दी होगी –वो कहाँ किस मद में दिया था आपको ?? मैंने बीजेपी का ऑडिट रिपोर्ट व एक्सपेंडिचर अकाउंट भी हासिल कर के पढ़ समझ लिया है वहां आपके नाम पर कोई पैसा दिया हुआ नहीं दिखाता ? ऐसे में लाख टके का सवाल यह है कि क्या आपको मोदी जी ने कोई काला धन दिया था आपके मेहनताने फीस के एवज में ?? 2014 कैंपेन का फंडिंग सोर्स क्या था ?? क्या आपको पैसा मैडिसन एडवरटाइजिंग ,WPP , ओगिल्वी & MATHER के जरिये दिया गया था ??
6 प्रशांत किशोर जी आप राजनितिक नहीं है ,पत्रकार भी नहीं है ,आपकी प्रोफाइल कहती है आप शुरू से पढ़ाकू किस्म के एग्जीक्यूटिव टाइप क्लास के थे ,वर्ल्ड बैंक यूएनओ वगैरह में आप कंसलटेंट हुआ करते थे ,,फिर अचानक से ही ऐसा क्या टर्न आया कि आप 2014 में यकायक राजनीति में चाणक्य बन कर उभर आए ??? आपको चाणक्य बना कर किसने प्लांट किया मोसाद ने ?? ब्रिटिश सीक्रेट सर्विस ने या सीआईए ने ???

7 . क्या यह सत्य नहीं है कि फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विसेज जिसमें अमरीका इंग्लैंड इजराइल सब की ख़ुफ़िया एजेन्सिया शामिल थी -उन्होंने आपको मुखौटा बना कर यहां प्लांट किया ,असल में 2014 में मोदी जी की जीत के असली नायक वो फॉरेन एजेंसीज ही है लेकिन क्रेडिट जीत का सेहरा आपके सर ही बांधा गया क्यूंकि आप उनके एजेंट है ??

8 क्या यह सत्य है कि इन दिनों आप आँध्रप्रदेश में एक्टिव है उसके पीछे भी इन्ही फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसीज का हाथ है ?? और वो एजेंसीज आपकी मदद से जगन मोहन रेड्डी को सीएम बनवा कर तिरुपति मंदिर के अथाह खजाने पर हाथ फेरने की कोशिश में है ??

9 . क्या 2014 से ले कर आज तक की आपकी फंडिंग का सोर्स ये फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसीज नहीं है ?? यदि ये नहीं है तो फिर आपका यह सब पॉलिटिकल एक्टिविटी और भारी भरकम स्टाफ क्या 95 लाख और 37 लाख रूपये के टर्नओवर पर चल जाता है ???

10 . मैं अच्छे से जानता हूँ कि मैं बहुत गंभीर आरोप लगा रहा हूँ ,लेकिन यह सब हवा में नहीं है उक्त सब सवाल मेरी पुख्ता जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। यदि आप मेरे सवालों के जवाब से मुझे संतुष्ट कर देते है और यदि मैं गलत हुआ तो मुझे आपसे सार्वजनिक माफ़ी मांगने में कोई संकोच भी नहीं होगा।

11 . क्या यह सत्य नहीं है कि आप ogilivy & mather , APCO , मैडिसन एडवरटाइजिंग , ASERO , WPP जैसे संगठनों से जुड़े हैं ?? आपका इन संस्थाओ से अनभिज्ञ होना या उनसे न जुड़े होने का दावा करना बिलकुल गलत होगा क्यूंकि ये संस्थाएं मोदी 2014 मिशन 272 + में आप के साथ जुटी हुई थी जिसके प्रमाण है मेरे पास। क्या आप यह नहीं जानते थे कि इन सब संस्थाओं को फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसीज के द्वारा चलाया जाता है ?? हम आपको इन सीक्रेट सर्विस एजेंसीज का भारतीय एजेंट होना क्यों न माने ?? क्या आप इस पर अपना पक्ष रखेंगे !!

12 . बहुचर्चित पीएनबी घोटाले वाले नीरव मोदी जी का संबंध ब्रिटिश क्राउन कंपनीज क्रिस्टीज और सोथबी के साथ है ,जिनके जरिये नीरव मोदी के पास तस्करी किया हुआ डायमंड आया था , क्या OGILIVY & MATHER , WPP आदि कंपनियों के मालिकान क्रिस्टीज व सोथबी से संबंध नहीं रखते ??? इन सब का आपस में संबंध है इसका मतलब आप इन एजेंसीज की मदद से आंध्रप्रदेश में जगन मोहन रेड्डी को सीएम बनवा कर डायमंड तस्करी वाले गिरोह की मदद क्या नहीं कर रहे हैं ??

आज की इस कांफ्रेंस में उदाहरण के लिए मैं APCO से शुरुआत कर रहा हूँ , जल्द ही आने वाली प्रेस कांफ्रेंस में ऊपर जो नाम लिखे है उन सब के बारे में विस्तार से बताऊंगा , मोदी जी के विजय रथ को हांकने की शुरुआत सबसे पहले इजराइली एजेंसी मोसाद के ही एक संगठन APCO ने किया था सन 2007 में ,तब जब प्रशांत किशोर को कोई जानता तक नहीं था। इस संदर्भ में टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने एक लेख 18 नवम्बर 2007 को प्रकशित किया था ,जिसका लिंक मैं यहां लगा रहा हूँ और बकौल टाइम्स ऑफ़ इंडिया रिपोर्ट तत्कालीन गुजरात सरकार APCO को 25000 डॉलर प्रतिमाह फीस दिया करती थी जिसका काम वाइब्रेंट गुजरात के जरिये मोदी जी की इमेज बिल्डिंग का था।

 

APCO के बारे में टाइम्स ऑफ़ इंडिया की यह रिपोर्ट बहुत ही बेसिक व मामूली सी थी जिस पर शायद ही किसी ने गौर किया होगा।

 

 

Requested to you all to go through these news articles published in 2007

About  ”APCO”–   Apco is an israel intelligence ”mosad outfit” which was hired by the then Gujarat CM Sh. Narendra Modi for his Image Makeover . And APCO was paid 25000 USD Per month From the Gujarat Govt.

 

 

MODI Makeover

Adolf Hitler was a brilliant propagandist. Narendra Modi too believes in the power of image. This is probably why the chief minister hired a US lobbying firm which has serviced clients like former Nigerian dictator Sani Abacha and President-for-life of Kazakhstan Nursultan Abishuly Nazarbayev.

 

Reference Article

 

 

Modi’s image builders have dictators on client list

 

https://timesofindia.indiatimes.com/Modis-image-builders-have-dictators-on-client-list/articleshow/2600140.cms

 

APCO worldwide get associated with indian company based at Ahmedabad

http://www.aakritipromedia.com/news.html

 

How an American lobbying company Apco Worldwide markets Narendra Modi to the world – The Economic Times – http://www.ecoti.in/KnprSY

 

अब मैं आपको विस्तार से APCO के बारे में बताता हूँ कि यह संस्था कैसे इजराइल

की ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद की सहयोगी है —

” Margery Kraus founded APCO Associates in 1984 as a subsidiary to Arnold & Porter, one of Washington’s largest law firms, and from where APCO’s name is derived. Arnold and Porter is now Israel’s largest and longest serving registered foreign agent (not that there aren’t more than a handful of unregistered ones). ”

Excerpt : Smith wrote about Arnold & Porter in his book Divert.

Would it be too much to ask that WAPO reveal that according to the Justice Department’s Foreign Agent Registration Act section, Arnold and Porter has been serving as Israel’s registered foreign agent since June of 1964?  Would it be a lot more to mention that since 2010 the firm has been receiving a $10,000 per month retainer for advisory services and “special projects?”  Could WAPO possibly trouble itself to inform readers that according to FARA filings the firm earned $1.2 million in fees in 2010 alone from the Israeli government?  Arnold and Porter is now Israel’s largest and longest serving registered foreign agent (not that there aren’t more than a handful of unregistered ones).

Arnold & Porter represented several Israeli government officials in US courts by arguing that sovereign immunity mandates provide blanket protection from legal liability for their actions. In 2007 the firm won dismissal of war crimes and crimes against humanity claims brought by Palestinians against former General Security Service head Avraham Dichter. In 2005 the firm won dismissal of similar claims against Israeli Prime Minister Ariel Sharon and other senior officials, Israeli military forces and an intelligence agency. In 2006 Arnold & Porter also won dismissal of similar claims focusing on a single Israeli official’s actions that resulted in civilian casualties in 1996. In 2008 Israel’s Treasury paid Arnold & Porter $483,401 to defend such actions. In the year 2010 the firm signed a renewable contract with Israel for a $10,000 per month retainer for legal and advisory services and “special projects” with $8,000 in allowed travel expenses. Arnold & Porter reported $1.2 million in fees from the government of Israel for the year 2010.

APCO & ASERO  BOTH  mosad outfits 

Apco and Asero have many overlapping consultants and management members. For example, Doron Bergerbest-Eilon who sits on Apco’s International Advisory Council was also founder and president of Asero Worldwide.

Mara Hedgecoth, the daughter of Apco CEO and President Margery Kraus also sits in Asero as Vice President. At the same time, Mara Hedgecoth also serves as Vice President and Director in Apco Worldwide.

ASERO’s (MOSSAD) Management Team :

Asero is almost like a retirement home for ex-Mossad and ex-Shabak secret services officials.

David Harel – Managing Director and Vice President, Israel. Former head of international relations for the protection and security division of the Israeli Security Agency

Oded Raz – Vice President, Former Senior ranking security official of the Israeli Security Agency

Gadi Kalai – Director, Former Regional Security Manager (RSO) of the Israeli Security Agency (ISA)’s North Region

One of Apco’s favorite legislators is Senator Joe Lieberman, who is a staunch supporter of military aid to Israel. Lieberman’s wife, Hadassah was Apco’s leading lobbyist for health care and pharmaceuticals clients.

 

अंत में फिर वही सवाल क्या प्रशांत किशोर जी इन संस्थाओं apco &  asero के एजेंट नहीं थे ?? आप किस हैसियत से आकृति एडवरटाइजिंग के अहमदाबाद दफ्तर में बैठा करते थे जो कि apco की सहयोगी कंपनी है।

 Enclosed :–  PDF Format of Annual Return   &  Balance sheet of  I-PAC .

Short Introduction 

 

नवनीत चतुर्वेदी

स्वतंत्र खोजी पत्रकार

 

खोजी पत्रकारिता ,पॉलिटिकल इंटेलिजेंस और जिओ पॉलिटिक्स में समझ रखते है।  हालिया बहुचर्चित राफेल जहाज घोटाले पर इन्ही की खोज व रिसर्च के आधार पर कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार पर जम के हमलावर है।

इनसे संपर्क 8003119820 नम्बर पर किया जा सकता है ,व्हाट्सएप्प नम्बर भी यही है।

नवनीत चतुर्वेदी ने ” मोदास द पॉलिटिकल वायरस ” नामक किताब भी लिखी है जो साइबर वर्ल्ड में मोदी के अंध भक्तों पर कटाक्ष करते हुए लिखी गई है।

 

ईमेल –  navneetc2010@gmail.com

twitter – @navneetc2010

mobile- 8003119820 [ kindly use maximum of whatsapp & text only for contact me  ]

 

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