राजस्थान

राजस्थान के गंगानगर ,हनुमानगढ़ एवं जयपुर में लोहड़ी अलग ही अंदाज में मनाई जाती है

राजस्थान 13 Jan, 2018 03:24 AM
College  girls wearing traditional colorful dress and performing Punjabi Gidda  on the occasion of “Lohri festival celebrating at Amritsar on Tuesday, January 13 2015. EXPRESS PHOTO BY RANA SIMRANJIT SINGH

MM NEWS TV / जीएस जोसन ” गंगानगर व हनुमानगढ जिलों में इस बार यह लोहड़ी बेटियों के नाम समर्पित कर मनाया जा रहा है” ,जिसका उद्देश्य ” बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ है”

लोहड़ी का त्यौहार नए साल की शुरूआत में फसल की नवयौवनता की ओर अग्रसर और बागों में फलों के पकने के उपलक्ष में मनाया जाता है। लोहड़ी का त्यौहार पंजाब के लोगों द्वारा तो विशेष तरीके से बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लोहड़ी का त्यौहार सुबह से शुरू होकर रात तक चलने वाला त्यौहार है। लोहड़ी का त्यौहार मौज-मस्ती और जश्न से भरा होता है। लोहड़ी के त्यौहार के दौरान किसी तरह का व्रत नहीं होता इसमें तो नाच गाने के साथ लोग स्वादिष्ट व्यंजनों का मजा लेते हैं।
लोहड़ी का त्यौहार सर्दियों के जाने और बंसत के आने का संकेत है। लोहड़ी के दिन लकड़ियों या उपलों का ढ़ेर बनाकर आग जलाई जाती है। लोहड़ी के पावन मौके के दिन पवित्र अग्नि में लोग रवि फसलों को समर्पित गुड़ तिल,चावल अर्पित करते हैं। क्योंकि इस समय रवि फसलें फलफूल कर पूरे यौवन पर आने लगती हैं। ऐसा करके सूर्य देव और अग्नि के प्रति आभार प्रकट किया जाता हैं ताकि उनकी कृपा से कृषि उन्नत हो। इसके अलावा लोग इस पवित्र अग्नि के चारों तरफ चक्कर काटकर नाचते गाते हैं।

lohri
लोहड़ी का त्यौहार मुख्य रूप से सूर्य देवता और अग्नि को समर्पित है। यह वह समय होता है जब सूर्य मकर राशि से गुजर कर उतर की ओर रूख करता है। ज्योतिष के अनुसार इस समय सूर्य उत्तारायण बनाता है। पंजाब के लोग जहां भी जाते है वह अपनी अलग पहचान रखते हैं और पंजाब के त्योहारों की भी अपनी एक अलग जगह है। लोहड़ी के अवसर पर हर घर में पंजाब का पारंपरिक खाना सरसों का साग, मक्के की रोटी और खीर भी बनाई जाती है। लोहड़ी का सिक्खों के लिए कोई धार्मिक महत्व नहीं है। पंजाब की संस्कृति से जुड़े होने की वजह से लोहड़ी का त्यौहार सिक्खों द्वारा मनाया जाता है। पंजाब का परंपरागत त्यौहार लोहड़ी हाड़ी की फसल के फलफूल कर पूर्ण यौवन में लथपथ और घर में नए मेहमान के स्वागत का पर्व ही नहीं, यह जीवन में खुशियां बिखरने वाला त्यौहार है। लोहड़ी के दिन गुरुद्वारों में भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिलती है। लोगों का मानना है कि लोहड़ी का त्यौहार जीवन में खुशहाली का संदेश लेकर आता है। इस दिन सर्दी के मौसम को अलविदा कर दिया जाने का संकेत माना जाता है। वहीं आग को जीवन और स्वास्थ्य से जोड़कर देखने की अवधारणा है।
पंजाब में लोहड़ी के त्यौहार की एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। इस त्यौहार के पंजाब में किया जाने वाला भागंडा और गिद्दा काफी मशहूर है। लोहड़ी में मिलने वाला प्रसाद तिल, गजक, गुड़, मूंगफली तथा मक्के के दानों का एक-दूसरे को बांटते हैं। आधुनिक समय में लोहड़ी का पर्व लोगों को अपनी व्यस्तता से बाहर खींच लाता है। इस त्यौहार के रंग में रंगकर लोग अपना सुख-दु:ख बांटते हैं। यही इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य भी है।

पुरातन वृहत्तर पंजाब का यह लोहड़ी त्योहार किसी धर्म से सम्बंधित न होकर पंजाबी सभ्याचार का प्रतीक है।इस त्योहार को पूरा पंजाबियत तबका जिसमें सिख,हिंदू और मुस्लिम शामिल हैं, बड़े धूम-धड़ाके के साथ मनाते हैं।

लोहड़ी बसंत के आगमन के साथ 13 जनवरी, पौष महीने की आखरी रात को मनाया जाता है। इसके अगले दिन माघ महीने की सक्रांति को माघी के रूप में मनाया जाता है।

लोहड़ी के त्यौहार का असली रंग पंजाब में देखने को मिलता है। पंजाब में महिलाओं और पुरूषों द्वारा लोहड़ी की पवित्र अग्नि के ईदगिर्द किए जाने वाला लोक नृत्य भांगड़ा और गिद्दा बहुत ही प्रचलित है।
कभी इस त्योहार को मिलजुल कर मनाने का अलग ही आनंद था।शादी के जोड़े की प्रथम लोहड़ी या जिस घर में बालक जन्म लेता है उसकी प्रथम लोहड़ी उसी के घर रिश्तदारों, मौहल्ले वालों द्वारा मनाई जाती थी। मनाने को तो अब भी मनाई जाती है ,मगर अहसान सा पूरा करने वाली बात है।

जमाना था जब लोहड़ी के दिन त्यौहार का उत्साह बढ़ाने के लिए गांव के लड़के-लड़कियां अपनी-अपनी टोलियां बना कर घर-घर जा कर लोहड़ी के गाने गाते हुए लोहड़ी मांगते थे। जिसके बाद कोई भी बच्चों को अपने घर से खाली हाथ नहीं भेजता। यह बच्चें पंजाब का पुराना लोक गीत दुल्हा भट्टी गाते सुंदर मुंदरए हो यह गीत काफी लोकप्रिय थे।

पंजाब में लोगों के लिए इस त्यौहार का महत्व तब और बढ़ जाता है जब किसी परिवार में नए बच्चें का जन्म हुआ हो या फिर किसी की नई शादी हुई हो। उन घरों में लोहड़ी के जश्न को अक्सर आज भी बेहद ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

makar sankrantiमीडिया मल्टीनेट परिवार की ओर से पंजाबी सभ्याचार एवं मौसम परिवर्तन के संकेत लोहड़ी व मकरसंक्रांति की राजस्थान प्रदेश व देश के समस्त प्रियजनों को कोटि-कोटि शुभकामनाएं🙏🏼

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