देश

“स्वतंत्रता दी नहीं जाती, ली जाती हैं” सुभाष चन्द्र बोस जन्मदिन विशेष @ MM NEWS TV

देश 23 Jan, 2018 03:18 AM
subhash chandra bosh

सुभाष चन्द्र बोस का जन्मदिन प्रत्येक साल सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के लोगों द्वारा बहुत सम्मान के साथ मनाया जाता है। क्योंकि वो स्वतंत्रता आन्दोलन के समय सबसे प्रसिद्ध भारतीय नेताओं में से एक थे, वो भारत के इतिहास में एक महान व्यक्ति बन गये है।

नेताजी के समर्थकों द्वारा इनके देश के प्रति महान त्याग को फिर ये याद करने के लिये इनके जन्म दिन को “देश प्रेम दिवस” के रुप में मनाने की माँग की जा रही है।

सुभाष चन्द्र बोस एक महान राजनीतिक नेता थे उनका जन्म उड़ीसा के प्रसिद्ध नगर कटक में 23 जनवरी 1897 को हुआ था इनके पिता का नाम जानकीनाथ और माता का नाम प्रभावती बोस था। अल्प आयु में ही सुभाष चंद्र बोस अपने प्रचार्य बेनी माधव से अत्यधिक प्रभावित हुए 15 वर्ष की उम्र में सुभाष चंद्र बोस को सर्वाधिक प्रभावित स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस ने किया 16 वर्ष की अवस्था में कटक से उन्होंने 1913 में मैट्रिक की परीक्षा पास की इन्हीं दिनों अरविंद सुभाष चंद्र बोस अरविंद घोष की पत्रिका ‘आर्य’ के नियमित पाठक रहे तथा पत्रिका के रहस्य वादी गहन दर्शन एवं उच्च भावना से अत्यधिक प्रभावित थे 1914 में आध्यात्मिक गुरु की तलाश में सुभाष चंद बोस कोलकाता छोड़कर ऋषिकेश हरिद्वार मथुरा वृंदावन और वाराणसी में भटकते रहे लेकिन इन्हें इनकी इच्छा के अनुसार गुरु नहीं मिला 1915 में इंटर की परीक्षा पास करने के बाद सुभाष चंद्र बोस ने दर्शन शास्त्र में बीए आनर्स किया । एम ए मनोविज्ञान से करने के लिए कलकत्ता विश्वविद्यालय में प्रवेश किया लेकिन पिता की इच्छा अनुसार 9 सितंबर 1919 को सुभाष चंद्र बोस आई सी एस की तैयारी करने हेतु समुद्री जहाज से इंग्लैंड गए वहां उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया 1920 में सुभाष चंद्र बोस ने इंग्लैंड में होने वाली आई सी एस की परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 7 महीने तक गहरा असंतोष में जीने के बाद सुभाष नियुक्ति से पूर्व आई सी एस पद से त्याग दे दिया आई सी एस के इतिहास में ऐसा करने वाले वह पहले व्यक्ति थे 16 जुलाई 1921 को सुभाष चंद्र बोस मुंबई पहुंचे इंग्लैंड से मुंबई पहुंचने के बाद सुभाष कोलकाता पहुंचे वहां भी चितरंजन दास से मिले और उन्हें अपने राजनीतिक गुरु के रुप में स्वीकार किया 1923 ईस्वी में सुभाष ने एक असहयोगी के रुप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के सुभाष 2 वर्ष तक अध्यक्ष 1931 में 33 वर्ष की अवस्था में सुभाष कोलकाता नगर निगम के महापौर निर्वाचित हुए। 1938 में सुभाष चंद्र बोस हरिपुरा कांग्रेस इसके अध्यक्ष चुने गए इस अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरु की अध्यक्षता में नियोजन समिति का गठन किया गया 1939 में सुभाष चंद्र बोस एक बार फिर गांधी जी के विरोध के बाद त्रिपुरी (जबलपुर मध्य प्रदेश) कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए लेकिन गांधीजी से विरोध बरकरार रहने के कारण उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया उसके बाद मई में फारवर्ड ब्लाक की स्थापना की कलकत्ता के एलीगिन रोड स्थित अपने घर में नजरबंद सुभाष चंद्र बोस 17 जनवरी 1941 को मौलवी के वेश में रात्रि के अंधेरे में घर से भागकर एक जर्मन कार से जिससे उनका भतीजा शिशिर कुमार घोष चला रहा था से 200 मील की दूरी पर स्थित गोमोह रेलवे स्टेशन पहुंचे गोमोह से सुभाष ने बीमा एजेंट के रूप में पेशावर के लिए गाड़ी पकड़ी इस समय सुभाष के साथ एक हिंदू मित्र भगतराम भी था पेशावर में उनका स्वागत सहयोगी मियां अकबर शाह ने किया पेशावर से काबिल जाने के लिए सुभाष ने जियाउद्दीन पठान का वेश धारण किया और काबिल तक की यात्रा की और 31 जनवरी को काबिल पहुंचे काबुल में सुभाष ने मुक बाधिर तीर्थयात्री के रूप में प्रवास किया काबुल में सुभाष के मेजबान उनके मित्र उत्तम चंद मल्होत्रा थे।

जिन्होंने ” सुभाष जब जियाउद्दी थे” नामक पुस्तक लिखी काबुल से मास्को होते हुए अप्रैल 1941 में बर्लिन सुभाष इटली दूतावास की मदद से पहुंचे काबुल में बर्लिन की यात्रा के समय सुभाष के पासपोर्ट पर उनका नाम ओरलैंड मजोटा लिखा हुआ था जर्मन विदेश मंत्रालय का छोटा ग्रुप जिस के नेता रोडेशिया के एडमिरल बोन बोनट्रीशुल्ज थे ने सुभाष को जर्मनी में हरसंभव सहयोग दिया जर्मन विदेश मंत्री बोन रिबन ट्रोप की मदद से सुभाष द्वारा बर्लिन में स्वतंत्र भारत केंद्र की स्थापना की गई प्रारंभ में इसके 20 भारतीय सदस्य थे जिनमें ए सी एन नांबियार, मुखर्जी, डॉक्टर गिरिजा ,डॉक्टर एम आर व्यास, शामिल थे जर्मनी और इटली के विरुद्ध ब्रिटेन की ओर से लड़ते हुए उत्तरी अफ्रीका के रोमिल से बंदी बनाए गए भारतीय सैनिकों को एकत्रित कर सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्र भारत केंद्र के लड़ाकू दल भारतीय सेना दल का गठन किया इसी दिन सैन्य दल के सदस्यों ने पहली बार सुभाष को नेताजी कहकर संबोधित किया कलांतर में सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्र भारत केंद्र के सदस्य नांबियार को अपना उत्तराधिकारी एवं उप नेता नियुक्त किया भारतीय सेन्य दल आजाद हिंद रेडियो का प्रसारण अक्टूबर 1941 में शुरू हुआ कुल 7 भाषाओं अंग्रेजी हिन्दुस्तानी बांग्ला फारसी तमिल तेलुगू और पश्तो में प्रसारण कार्य होता था राष्ट्रीय ध्वज सुभाष द्वारा स्थापित भारतीय सेन्य दल का राष्ट्रीय ध्वज कांग्रेस का तिरंगा ही था लेकिन झंडे के बीच में चरखे की जगह उछलता हुआ सिंह अंकित था जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक था सैनिकों और नागरिकों के बीच अधिकृत अभिवादन जय हिंद था। सैन्य दल का रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा रचित जन गण मन राष्ट्रीय गान था सुभाष चंद्र द्वारा स्थापित स्वतंत्र भारत केंद्र का लड़ाकू विभाग जिसकी स्थापना भारतीय सेना के रूप में हुई थी। पूर्वी एशिया में कैप्टन मोहन सिंह द्वारा स्थापित आई एन ए के विस्तार की दिशा में एक कदम अग्रगामी कदम था दिल्ली में 1911 में गर्वनर जनरल लार्ड हार्डिंग पर बम फेंकने के अपराध में दोषी रास बिहारी बोस इन दिनों जापान में जापानी नागरिकता के साथ रहे थे|

सुभाष चन्द्र बोस के नारे

“स्वतंत्रता दी नहीं जाती, ली जाती हैं।”
“एक अकेला व्यक्ति अपने विचार के लिये मर सकता हैं, किन्तु वो विचार, उसकी मृत्यु के बाद, हजारों लोगों के जीवन में खुद उतर जाता है। इस प्रकार परिवर्तन का चक्र घूमता हैं और एक राष्ट्र के विचार और सपने आने वाली पीढ़ी को विरासत के रुप में मिलते है।”
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।”

Follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

eg
dr. manish ad
media multinate banner
kid-zee
मीडिया को करना हो मल्टीनेट चुनिए मीडिया मल्टीनेट #MEDIAMULTINATE For better media coverage & publicity With all leading news channels & news paper’s MEDIA MULTINATE (Rajasthan most popular Advertising/P.R./Media agency ) https://www.facebook.com/MediaMultinategroup/ — Press Conference , Media Management – call -8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 | MM NEWS TV को राजस्थान के सभी संभाग , जिले स्तर पर ब्यूरो हेड की आवश्यकता है संपर्क करें – 8114426854 |